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समलैंगिकता पर भड़के रामदेव
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Keep the Gas in the south east corner of the kitchen
 
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 लंदन: मंदिर परिसर में धमाका
 

लंदन. लंदन के हरे कृष्ण मंदिर में धमाका होने से मंदिर के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है।

यह मंदिर लेस्टर में स्थित है। मंदिर में इसकी स्थापना का उत्सव मनाया जा रहा था। शुरूआती रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि इसके किचन में गैस सिलेंडर में विस्फोट हुआ जिसके कारण यह घटना हुई। मंदिर में मौजूद 30 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

 
   
   

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   दुनिया का प्राचीनतम धर्म
     
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आस्था का समावेश
 

हिन्दू धर्म का इतिहास बहुत ही प्राचीन है। जब हम इस धर्म के इतिहास की बात करते हैं तो हिन्दू धर्म की स्थापना वेदों और पुराणों के रचनाकाल से माना जाता है। विद्वानों ने वेदों के रचनाकाल की शुरुआत 4500 ई.पू. से मानी है। अर्थात वेदों की रचना धीरे-धीरे हुई।  

माना जाता है कि पहले वेदों को मात्र तीन भागों में बांटा गया- ऋग्वेद, यजुर्वेद तथा सामवेद। इन्हे वेदत्रयी के नाम से जाना गया। मान्यता है कि वेदों का विभाजन राम के जन्म के पूर्व पुरुर्वा ऋषि के समय हुआ था। बाद में अथर्ववेद का संकलन ऋषि अथर्वा ने किया।
क्योंकि वैदिककाल और वेदों की रचना का काल अलग-अलग माना गया है। सदियों से वाचिक परंपरा चली आ रही है फिर इसे लिपिबद्ध करने का काल भी बहुत लंबा रहा है। वेदों की रचना के साथ भी कई भ्रांतियां जुड़ी हैं कुछ विद्वानों का मानना है कि भगवान कृष्ण के समय में महर्षि वेद व्यास ने वेदों का विभाजन कर उन्हे लिपिबद्ध किया। इस अनुमान से लिखित रुप में आज से 6508 वर्ष पूर्व पुराने वेद हैं और इससे भी पुराना है हिन्दू धर्म। कृष्ण के आज से 5300 वर्ष पहले हाने के तथ्य भी प्रमाणित हैं।
हालांकि हिन्दुओं ने अपने इतिहास को सुर रूप में गाकर, रटकर और सूत्रों के आधार पर मुखाग्र जिंदा बनाए रखा। अतः ये धर्म काव्यमय और श्रृंगारिक होता गया किन्तु उसे आधुनिक इतिहास नहीं स्वीकारता। परन्तु धार्मिक साहित्य में हिन्दू धर्म में और भी धारणाएं हैं। कहते हैं 90 हजार वर्ष पूर्व इसकी शुरुआत हुई। धार्मिक ग्रन्थों और पुराणों में सूर्य और चंद्रवंशी राजाओं की वंश परंपरा का उल्लेख है। इतने पुराने इतिहास को क्रमबद्ध लिखना बहुत कठिन कार्य है जिसके कारण सूत्रों में बिखराव और भ्रम होना संभव है। किन्तु जानकार इस भ्रम नहीं मानते। वह दौर ऐसा था जबकि कागज़ और कलम का निर्माण नहीं हुआ था। इतिहास लिखा जाता था शिलाओं पर, गुफाओं में या फिर मानव के चित्त व मन पर।
हिन्दू व जैन धर्म की स्थापना व उत्तपत्ति आर्यों से मानी जाती है। जो 4500 ई.पू. मध्य एशिया से हिमालय तक फैले थे। मान्यता है कि आर्यों की एक शाखा से पारसी धर्म की स्थापना हुई। इसके बाद क्रमश: यहूदी धर्म दो हजार ई.पू., बौद्ध धर्म पाँच सौ ई.पू., ईसाई धर्म सिर्फ दो हजार वर्ष पूर्व, इस्लाम धर्म आज से 14 सौ वर्ष पूर्व हुआ।
हिन्दू धर्म के इतिहास में ऋषि मुनियों की परम्परा के पहले मनु का उल्लेख किया गया है। जिन्हे जैन धर्म मंप कुलकर कहा जाता है। ऐसे 14 मनु माने गए हैं जिनसे समाज की स्थापना हुई। धरती के प्रथम मानव का नाम स्वायंभव मनु ता और प्रथम स्त्री थी शतरूपा। महाभारत में भी 8 मनुओं का ज़िक्र है। इस वक्त धरती पर आठवें मनु की संताने ही हैं। 8वें मनु के समय ही भगवान विष्णु का मत्स्य अवतार हुआ था।

पुराणों में हिंदू इतिहास की शुरुआत सृष्टि उत्पत्ति से ही मानी जाती है। ऐसा कहना कि यहाँ से शुरुआत हुई यह ‍शायद उचित न होगा फिर भी हिंदू इतिहास ग्रंथ महाभारत और पुराणों में मनु (प्रथम मानव) से भगवान कृष्ण की पीढ़ी तक का उल्लेख मिलता है।
धर्म रिपोर्टर
 
 
 
 
 

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